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  • 9 years ago
कुछ करने का हौसला हो, तो उम्र कभी आड़े नहीं आती... 62 साल की उम्र में गृहस्थी के कामकाज की जगह किसानी शुरू करने का जज्बा.. वो भी पॉलीहाउस जैसी वैज्ञानिक पद्धति से... किस्मत के मारे का रोना रोने वाले लोगों के लिए शोभा एक मिसाल हैं। उनके गांव वाले उन पर नाज करते हैं।

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