सरकारी और निजी इंजीनियरिंग संस्थानों के सभी छात्रों को अंतिम वर्ष में 'इक्जिट' की परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। इस परीक्षा में छात्रों का प्रदर्शन ही उनकी काबिलियत का पैमाना माना जाएगा और इसके आधार पर उन्हें नौकरी मिलने में भी आसानी होगी।
इंजीनियरिंग संस्थानों की गिरती गुणवत्ता और इसके डिग्रीधारकों में बढ़ती बेरोजगारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। पिछले हफ्ते ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इसमें बताया गया कि हर साल निजी और सरकारी संस्थानों से करीब सात लाख इंजीनियरिंग के छात्र डिग्री लेकर बाहर आते हैं।
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